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“बेटी “(घनाक्षरी)

ramprasad lilhare

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घनाक्षरी

September 17, 2017

“बेटी ”

आन बान मान बेटी, सबकी हैं शान बेटी।
हर जगह बेटी का, सम्मान होना चाहिए।

घर भी चलायें बेटी, वंश भी बढ़ाये बेटी।
बेटियों का अब सारा, जहान होना चाहिए।

खुशियों को लायें बेटी, गमों को भगायें बेटी।
बेटियों के लबों पर, मुस्कान होना चाहिए।

हर दर्द सहे बेटी, आह भी न करे बेटी।
बेटियों की भी जी अब, जुबान होना चाहिए।

स्वरचित
रामप्रसाद लिल्हारे “मीना “

Author
ramprasad lilhare
रामप्रसाद लिल्हारे "मीना "चिखला तहसील किरनापुर जिला बालाघाट म.प्र। हास्य व्यंग्य कवि पसंदीदा छंद -दोहा, कुण्डलियाँ सभी प्रकार की कविता, शेर, हास्य व्यंग्य लिखना पसंद वर्तमान में शास उच्च माध्यमिक विद्यालय माटे किरनापुर में शिक्षक के पद पर कार्यरत। शिक्षा... Read more
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