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बेटियों से ही जहाँ

बेटियों से ही तो सारा जहान है
बेटियां ही घर आँगन की शान हैं
बेटियां न होती होते कहाँ नादानो
ये जमीं वो आसमां सारा जहाँ वीरान है
बीवी बहन बेटी बहू माँ का जहाँ ये कर्जदाँ
हर शख्स की जिन्दगी में इनके बहुत एहसान है
नीलाम हो न इनकी इज्जत घायल न हो इनका जमीर
इनके ही सम्मान से तो अपनाआत्म सम्मान है… M.T.’Ayen’

This is a competition entry.

Competition Name: "बेटियाँ" - काव्य प्रतियोगिता

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Mahesh Tiwari
Mahesh Tiwari
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