बेटियों का महत्व

मेहंदी रोली कंगन का सिँगार नही होता”’

रक्षा बँधन भईया दूज का त्योहार नहीं होता””

रह जाते है वो घर सूने आँगन बन कर””

जिस घर मे बेटियों का अवतार नहीं होता”’

प्रीतम राठौर
श्रावस्ती (उ०प्र०)

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