बेटिया ईश्वर का अवतार है

कविता
बेटियां ईशवर का अवतार है
बेटियों से ही तो घर आँगन में
खुशियों से भरा परिवार है ।
बेटियों से ही तो इस जहाँ में
पावन पर्व उमंगो के त्यौहार है ।
बेटियों से ही मानव जीवन में
प्रेम-प्रीत रिश्तों के व्यौहार है ।
बेटियों से ही अनुपम प्रकृति में
सौंदर्य अलंकार और श्रंगार है ।
बेटियों से ही मानव जीवन में
पवित्र भावनाओ का संचार है ।
बेटियों से ही इस धरा में
इन्द्रधनुषी रंगो सा संसार है ।
सच कहु “राज”बेटियों के रूप में
मातृ शक्ति ईशवर का अवतार है ।

डी.सी ठाकुर “राज”

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