बेटिया ईश्वर का अवतार है

कविता
बेटियां ईशवर का अवतार है
बेटियों से ही तो घर आँगन में
खुशियों से भरा परिवार है ।
बेटियों से ही तो इस जहाँ में
पावन पर्व उमंगो के त्यौहार है ।
बेटियों से ही मानव जीवन में
प्रेम-प्रीत रिश्तों के व्यौहार है ।
बेटियों से ही अनुपम प्रकृति में
सौंदर्य अलंकार और श्रंगार है ।
बेटियों से ही मानव जीवन में
पवित्र भावनाओ का संचार है ।
बेटियों से ही इस धरा में
इन्द्रधनुषी रंगो सा संसार है ।
सच कहु “राज”बेटियों के रूप में
मातृ शक्ति ईशवर का अवतार है ।

डी.सी ठाकुर “राज”

Do you want to publish your book?

Sahityapedia's Book Publishing Package only in ₹ 9,990/-

  • Premium Quality
  • 50 Author copies
  • Sale on Amazon, Flipkart etc.
  • Monthly royalty payments

Click this link to know more- https://publish.sahityapedia.com/pricing

Whatsapp or call us at 9618066119
(Monday to Saturday, 9 AM to 9 PM)

*This is a limited time offer. GST extra.

Like Comment 0
Views 153

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share
Sahityapedia Publishing