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बेटियां ?

dr. pratibha prakash

dr. pratibha prakash

कविता

January 21, 2017

जीवन को जीवन बनाती बेटियां
बेटो का जीवन सजाती है बेटियां
इस सृष्टि को सतत बनाती बेटियां
फिर क्यों कोख में मारी जाती बेटियां

घर को वास्तव घर बनाती बेटियां
आँगन में ख़ुशी को लाती है बेटियां
पापा को दूर से ही बुलाती बेटियां
दहेज की वेदी पर क्यों चढ़ती बेटियां

सरस्वती दुर्गा लक्ष्मी है बेटियां
बिद्या के मंदिर की पूजा बेटियां
ज्ञान प्रेम की पावन लौ बेटियां
क्यों कुसंस्कारों का कोप बनती बेटियां

हॉट कूल क्या मस्त है सुनती बेटियां
सस्ते विज्ञापन में बिकती है बेटियां
मानव संस्कृति की पहचान बेटियां
क्यों सरेआम बाजार में लुटती बेटियां

भक्ति और शक्ति का आधार बेटियां
सौहाद्र औ समृद्धि का सार बेटियां
भूल गई है जो अस्तित्व पहचान स्वयं की
आज समाज में क्यों प्रताड़ित होती है बेटियां

अब तो रेल और जहाज चलाती बेटियां
वायुयान ले आकाश में उड़ती भी बेटियां
रात को होती असुरक्षित अपनों में ही क्यों
क्यों परिधान की मार सहती है बेटियां

सुना है साक्षरता बहुत् बड़ गई
फिर भी नई पदमनिया हो गई
बड़ी हैरत राणा शिवाजी तो खो गए
प्रश्न लक्ष्मीबाई बनी क्यों बेटियाँ

Author
dr. pratibha prakash
Dr.pratibha d/ sri vedprakash D.o.b.8june 1977,aliganj,etah,u.p. M.A.geo.Socio. Ph.d. geography.पिता से काव्य रूचि विरासत में प्राप्त हुई ,बाद में हिन्दी प्रेम संस्कृति से लगाव समाजिक विकृतियों आधुनिक अंधानुकरण ने साहित्य की और प्रेरित किया ।उस सर्वोच्च शक्ति जसे ईश्वर अल्लाह वाहेगुरु... Read more
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