Feb 10, 2017 · कविता
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मेरी बेटियाँ

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जिस में महके
प्यार की कलियाँ
ऐसी है मेरी बेटियाँ।
?
जिस में बहे
सद्भावना की नदियाँ
ऐसी है मेरी बेटियाँ
?
घर-आँगन में
भर दे खुशियाँ
ऐसी है मेरी बेटियाँ।
?
जिसमें समाये
सारी दुनिया
ऐसी है मेरी बेटियाँ।
?
हृदय मौन भाषा
जो पढ़ ले
ऐसी है मेरी बेटियाँ
?
सुने मन में
रोशनी से भर दे
ऐसी है मेरी बेटियाँ।
?
जो मेरे जजबात
को समझे
ऐसी है मेरी बेटियाँ
?
जो मेरे उलझन
सुलझाये
ऐसी है मेरी बेटियाँ।
????—लक्ष्मी सिंह ?☺

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लक्ष्मी सिंह
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MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is... View full profile
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