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बेटियाँ

लक्ष्मी सिंह

लक्ष्मी सिंह

कविता

January 22, 2017

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घर आँगन की शोभा….
हैं ये हमारी बेटियाँ
इनकी हँसी से खिल उठता है,
हमारे घर का कोना – कोना।
?लक्ष्मी सिंह

????
बेटियाँ होती है फूल सी….
मन नाजुक कोमल पंखुरी सी…..
—लक्ष्मी सिंह?

Author
लक्ष्मी सिंह
MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank... Read more
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