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बेटियाँ

Kamini Golwalkar

Kamini Golwalkar

कविता

January 24, 2017

बहुत प्यारी लगती है बेटियाँ
बहुत दुलारी लगती है बेटियाँ
बेटियाँ लागे सारा संसार हमे
बहुत न्यारी लगती है बेटियाँ

अपनी होती परछाई है बेटियाँ
इस धरा की अच्छाई है बेटियाँ
अहिल्या तारा मंदोदरी कुन्ती
द्रोपदी सभी कहलाई है बेटियाँ

धरा से गगन तक छाई है बेटियाँ
विश्व के पटल लहराई है बेटियाँ
कल्पना और सुनीता आंतरिक्ष
की दो परिया कहलाई है बेटियाँ

चारो और चर्चा में छाई है बेटियाँ
पीवीसिंधु ये पदक लाई है बेटियाँ
लक्ष्मीबाई दुर्गावती और इंद्रा गांधी
ने विश्व में पहचान बनाई है बेटियाँ

देश में खुशहाली यु लाई है बेटियाँ
सावन की घटा सी छाई है बेटियाँ
बधाई की शहनाइयां बजाई देश ने
उमड़ घुमड़ ख़ुशिया लाई है बेटियाँ

???कामिनी गोलवलकर???

Author
Kamini Golwalkar
नाम कामिनी गोलवलकर पिता का नाम स्वा. ए.एल गोलवलकर माता का नाम स्वा.विमल गोलवलकर शिक्षा M A इतिहास , शिक्षिका पता 184 सिंधी कालोनी कम्पू लश्कर ग्वालियर मध्य प्रदेश पिन कोड 474001 फोन नंबर 7770985164 email Kaminigolwalkar25@gmail.com प्रकाशित रचनाय दैनिक... Read more
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