23.7k Members 49.9k Posts

बेटियाँ

हरमन को मनभावन लगती हैं बेटियाँ,
माँ पिता के दिल में बसती हैं बेटियाँ.

रंज हो खुशी हो या हो बिजलियाँ,
दर्द भी ये हँस कर सहती हैं बेटियाँ.

लिबासों,विचारों में कैद कर लिया,
फिर भी आसमां में उड़ती हैं बेटियाँ.

माँ -पिता की वो तो ढाल बन गयी,
संग-संग हरदम चलती हैं बेटियाँ.

बंजर हो याकि वीरां,है दिल की बस्तियां,
बगिया के फूल सी ये खिलती हैं बेटियाँ.

©® आरती लोहनी..

This is a competition entry.

Competition Name: "बेटियाँ" - काव्य प्रतियोगिता

Voting for this competition is over.

Votes received: 15

Like 1 Comment 0
Views 165

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
arti lohani
arti lohani
65 Posts · 2k Views