बेटियाँ

मां की ममता है बेटियाँ ।
पिता की दुर्बलता है बेटियाँ ।
पति का पूर्णता है बेटियाँ ।
परिवार की रौनकता है बेटियाँ ।
समाज की एकता हैं बेटियाँ ।
नारी की महानता है बेटियाँ ।
सुख की सफलता है बेटियाँ ।
दुख की विफलता है बेटियाँ ।
स्वर की सुगमता है बेटियाँ ।
संगीत की मधुरता है बेटियाँ ।
तन की सुन्दरता हैं बेटियाँ ।
मन की निर्मलता है बेटियाँ ।
भाव की विभोरता है बेटियाँ ।
स्वभाव की सरलता है बेटियाँ ।
ह्रदय की कोमलता हैं बेटियाँ ।
सहनशीलता की क्षमता हैं बेटियाँ ।
मान,सम्मान और इज्जत है बेटियाँ ।
भारत देश की समानता है बेटियाँ ।
वर्तमान की गतिशीलता है बेटियाँ ।
भविष्य की उज्ज्वलता है बेटियाँ ।

This is a competition entry

Competition Name: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता- "बेटियाँ"

Voting is over for this competition.

Votes received: 49

Like Comment 0
Views 350

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119