बेटियाँ

दो नदियों का मेल कराती हैं बेटियाँ ।
प्यार की धारा ही बहाती हैं बेटियाँ ।
संजीदगी से करती हैं कठनाईयों को पार
सहयोग का दस्तूर चलाती हैं बेटियाँ ।
जिंदगी की राह पर ममता की छाँव से
अमरत्व के प्रभाव लुटाती हैं बेटियाँ ।
बेटों से भी हो जाये यदि कोई सरारत
बिगड़ी हुई वह बात बनाती हैं बेटियाँ ।
जिंदगी के तंज को प्रसाद समझकर
आँसुओं का बाग सजाती हैं बेटियाँ ।
वेदना की राह पर बिंदिया की चमक से
हर्ष का आभास कराती हैं बेटियाँ ।

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-ईश्वर दयाल गोस्वामी कवि एवं शिक्षक , भागवत कथा वाचक जन्म-तिथि - 05 - 02... View full profile
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