बेटियाँ

दो नदियों का मेल कराती हैं बेटियाँ ।
प्यार की धारा ही बहाती हैं बेटियाँ ।
संजीदगी से करती हैं कठनाईयों को पार
सहयोग का दस्तूर चलाती हैं बेटियाँ ।
जिंदगी की राह पर ममता की छाँव से
अमरत्व के प्रभाव लुटाती हैं बेटियाँ ।
बेटों से भी हो जाये यदि कोई सरारत
बिगड़ी हुई वह बात बनाती हैं बेटियाँ ।
जिंदगी के तंज को प्रसाद समझकर
आँसुओं का बाग सजाती हैं बेटियाँ ।
वेदना की राह पर बिंदिया की चमक से
हर्ष का आभास कराती हैं बेटियाँ ।

This is a competition entry

Competition Name: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता- "बेटियाँ"

Voting is over for this competition.

Votes received: 31

Like Comment 0
Views 1k

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share
Sahityapedia Publishing