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*** बेटियाँ ***

Raju Gajbhiye

Raju Gajbhiye

कविता

January 10, 2017

*** *** बेटियाँ ******

बेटियाँ घर , आँगन का फूल है
खुशिया देना उसका उसूल है

बेटियाँ का खर्च ना फिजूल है
बेटियाँ की हर दुआ कबूल है

हर क्षेत्र में आगे बेटियाँ
तोड़ती समाज की बेड़िया

बेटियाँ को नाराज करना इंसान तेरी भूल है
बेटियाँ के कदम धरती पर पड़ते ही श्री,लक्ष्मी है

– राजू गजभिये
बदनावर जिला धार ( मध्य प्रदेश )

Author
Raju Gajbhiye
परिचय - मैं राजू गजभिये , मूलतः यवतमाल ( महाराष्ट्र) मातृभाषा मराठी , वर्तमान में बदनावर जिला धार (मध्य प्रदेश ) कश्यप स्वीटनर्स लिमिटेड में कार्यरत | किताबे पढना एव लेखन | अपितु लिखने का शौक है | व्यग ,... Read more
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*बेटियाँ*
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बेटियाँ
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