मुक्तक · Reading time: 1 minute

बेकार ही

बेकार ही वक़्त क्यों जाया होते है ।
कोई आए कोई नही आए होते है ।
गुजरते नजदीक से मेरे आपने ही ,
जाने क्यों वो नजरें चुराए होते है ।
…. विवेक दुबे”निश्चल”@…

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