May 10, 2021 · मुक्तक
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बृक्ष ही जीवन है!

तरु से जीवन, छांव, फूल, फल और लकड़ी भी पाते हैं!
फिर भी हम मतिमंद मूढ़ बन, जंगल काटे जाते हैं!
क्या देंगे हरियाली जो, गमलों में बौनें वृक्ष लगे,
खुद को जिंदा रखने को, छाया में रखे जाते हैं!

…. ✍ सत्य कुमार प्रेमी

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Satya Kumar Premi
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