Reading time: 1 minute

बुरा नहीं मानेंगे ——– गजल/ गीतिका

हे भाई न देगा साथ तो बुरा नहीं मानेंगे।
न डालना अड़चने ,सही तभी मानेंगे।
माना किस्मत खफा है, निभा तू तो वफा ।
हो खता गर हमसे,माफी तुझसे मांगेगे।।
रोटी कपड़ा मकान जो जरूरी हे।
हो रही आवश्यकताएं पूरी है।
किसी की रोजी रोटी पर न डाका डालेंगे।।
हो सकेगा हमसे जितना,करते जाएंगे हम उतना।
हे कर्म पथिक,काम न कोई टालेंगे।।
राजेश व्यास अनुनय

2 Likes · 10 Views
Copy link to share
#28 Trending Author
Rajesh vyas
561 Posts · 18.9k Views
Follow 55 Followers
रग रग में मानवता बहती। हरदम मुझसे कहती रहती। दे जाऊं कुछ और ,जमाने तुझको,... View full profile
You may also like: