बीते हुए पलों को याद कर मुस्कुराना ही तो ज़िन्दगी है

बीते हुए पलों को याद कर
मुस्कुराना ही तो ज़िन्दगी है
दुःख में तेरा साथ आ जाना
ही तो ज़िन्दगी है
देख कर पलके झुकाना चुपके से
मुस्कुराना ही तो ज़िन्दगी है
हर बदलते मौसम में तेरा एहसास
का हो जाना ही तो ज़िन्दगी है
चुपके से देखना और अनदेखा
कर जाना ही तो ज़िन्दगी है
तेरा तस्सवुर सीने से लगाकर सो जाना
ही तो ज़िन्दगी है
बंद आँखों में तेरा ख़्वाबों में
आ जाना ही तो ज़िन्दगी है
शर्मा कर आँखे चुराना
ही तो ज़िन्दगी है
तेरी यादों में दिन का बीत
जाना ही तो ज़िन्दगी है
मुरझाई हुई कलि का तुझे देख
कर खिल जाना ही तो ज़िन्दगी है
चाँद की छांव में जुगनुओं से तेरी बात
करना ही तो ज़िन्दगी है
बहती फ़िज़ाओं में तेरी महकती अदाओं
का एहसास ही तो ज़िन्दगी है
सब कुछ भूल कर भी बस तेरी ही याद
तेरी यादों का साथ ही तो ज़िन्दगी है
धूप भरे दिन में तेरी ज़ुल्फ़ों की छांव का
एहसास ही तो ज़िन्दगी है
तू दे मेरा साथ और नही चाहिए कुछ ख़ास
तेरा साथ ही तो मेरी ख़ुशी है
तू ही तो मेरी ज़िंदगी जीने की एक वजह है

भूपेंद्र रावत
18।09।2017

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 359

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share