कविता · Reading time: 1 minute

बीजापुर के वीर

बीजापुर के वीरों को शत शत नमन …

कितने प्रहलाद जल गये इस होली की आग में।।
सताधारी डूबे हुए हैं बस, चुनावों की मौसमी फाग में।।

मांओं की कोख उजड़ी, बहनों की राखी लुट गयी,

सुहागनों का सिंदूर झुलसा है, इस चुनाव के आड़ में।।

बीजापुर से उखाड फेंको ,वामपंथ का नक्सल बीज,
उससे पहले मत जाना कोई ,इन वीरों के शवदाह में।।

चिता ठण्डी होने से पहले ,जला कर ख़ाक कर दो,
रोने वाला भी ना बच पाए, कोई उनके भाग में।।
मां भारती के सपूतों को ,बलि कब तक दिया जाएगा

राजनेताओं आखिर कब तक यह चलता रहेगा,

#किसानपुत्री_शोभा_यादव

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