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बिना मेरे अधूरी तुम..

Neeraj Chauhan

Neeraj Chauhan

मुक्तक

November 25, 2016

मेरा हर सुर अधूरा हैं, अधूरी गीत की हर धुन,
स्वप्न वो तुम नहीं जिसमे, कभी सकता नहीं मैं बुन
कोई रिश्ता नहीं तुमसे, मगर अहसास ऐसा हैं;
बिना मेरे अधूरी तुम, अधूरा मैं तुम्हारे बिन ..

– नीरज चौहान

Author
Neeraj Chauhan
कॉर्पोरेट और हिंदी की जगज़ाहिर लड़ाई में एक छुपा हुआ लेखक हूँ। माँ हिंदी के प्रति मेरी गहरी निष्ठा हैं। जिसे आजीवन मैं निभाना चाहता हूँ।
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