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बिटिया

Narendra Shrivastav

Narendra Shrivastav

कविता

January 24, 2017

मेरी एक कहानी बिटिया।
मेरे दिल की रानी बिटिया।।

उसकी चंचल बातें हर-इक।
याद मुझे जुबानी बिटिया।।

हर पल उसके साथ जिऊँ मैं।
वही मेरी जिंदगानी बिटिया।।

वो ही मेरी आँख का तारा।
वही परी आसमानी बिटिया।।

सुख असीम’ अनमोल मिले जब।
मुझे देख मुस्कानी बिटिया।।

आँँचल माँ,आकाश पिता का।
वह सर्वत्र समानी बिटिया।।

करूँ कामना और यही प्रार्थना।
हो हर घड़ी सुहानी बिटिया।।

***
नरेन्द्र श्रीवास्तव
पलोटन गंज,गाडरवारा,म.प्र.
मो.9993278808

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