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बिटिया

Vandana Malik

Vandana Malik

कविता

January 12, 2017

तुझसे रोशन मेरी दुनिया
मेरे घर की चांदनी तू…

हम दोनों की खुशियां तुझसे
पापा की है गुड़िया तू…

महक उठे घर-आंगन जिससे
बगिया का वो फूल है तू…

कदम-कदम यूं चलते-चलते
सात बरस की हुई है तू…।।

Author
Vandana Malik
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