" बिटिया रानी "

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बिटिया रानी बड़ी सयानी ,
रोज़ सुनाती नई कहानी ।
कभी पीती वो सादा पानी ,
कभी आचार पर लार टपकानी ।।

सुबह उठ बागिया को वो जानी ,
फुल – पौधो को वो देती पानी ।
थोड़ी सी करती मनमानी ,
छोटी बिटिया बड़ी सयानी ।।

दौड़ती तो हो जाती सबको हैरानी ,
भोली सूरत उसकी रूहानी ।
गिर जाए तो चोट है खानी ,
दर्द में बहता उसके आंखों से पानी ।।

आंख दिखाकर फुर्र से भाग जानी ,
सबको सुनाती वो मधुर वाणी ,
लगती है कहीं की महारानी ।

बस इतनी ही है उसकी कहानी ,
कभी ना करती कोई शैतानी ,
छोटी सी है वो लगती सबकी नानी ।।

🙏 धन्यवाद 🙏

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✍️ ज्योति ✍️
नई दिल्ली

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