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बाल दिवस

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

कुण्डलिया

November 14, 2017

1

बच्चे ही हैं देश की,उन्नति के आधार
चाचा नेहरू का करें,स्वप्न सभी साकार
स्वप्न सभी साकार,बचायें इनका बचपन
इन्हें पढ़ाकर खूब,सँवारे इनका जीवन
रहे’अर्चना’याद,बड़े ये मन के सच्चे
ऊँचा जग में नाम,करेंगे ये ही बच्चे

2

बचपन मे अब खेलना, हुई पुरानी बात
बच्चों को भाने लगा, मोबाइल का साथ
मोबाइल का साथ,हाथ में उनके सजता
तरह तरह के खेल, खेलता उसमें रहता
मगर अर्चना देख , बहुत चिंतित रहता मन
हो इनसे गुमराह, खो रहा भोला बचपन

डॉ अर्चना गुप्ता
14-11-2017

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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