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बाल दिवस पर

Kokila Agarwal

Kokila Agarwal

कविता

November 14, 2016

चलो बचपन की यादों को
खुदी से बांट लूं मैं आज
पलको में सजे ख्वाबो में बाबा
मैं भी हूं क्या आज
तुम्हें क्या याद है अब भी
मेरी पहली बनी रोटी
कड़क थी या मुलायम
प्यार की वो पहली चिकोटी
तरकारी में सब्जी कम
पानी में मसाला था
बड़े ही प्यार से पीकर
मुझे कितना बहलाया था
याद में अब भी मेरे है
मुहल्ले भर की वो यादें
छतो पर दौड़ते फिरते
कितनी चोटे हम खाते
कभी गुस्सा कभी तुम प्यार से
हमको मनाते थे
न जाने गुज़रे दिन क्यूं
आज मुझको याद आतें हैं

Author
Kokila Agarwal
House wife, M. A , B. Ed., Fond of Reading & Writing
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