बाल दिवस पर दोहे

1
चाचा नेहरू ने किया, बच्चों से यूँ प्यार
बाल दिवस का दे दिया, उन्हें एक उपहार
2
बाल दिवस का स्वप्न भी, तब होगा साकार
बालश्रम से हो नहीं, जब बचपन बेजार

3
कर्णधार हैं देश के,मासूम नौनिहाल
करना है संस्कार से, इनको मालामाल
4
बाल दिवस के नाम की, मची हुई है धूम
मगर कहीं पर बाल ही, रोटी से महरूम
5
नेहरू जी का जन्मदिन, लगे बाल त्यौहार
खुशियों से आओ रँगे, बच्चों का संसार
6
बाल मेला लगा हुआ, बच्चों की है फौज
बाल दिवस पर हो रही, सबकी मस्ती मौज
7
खूब खेलते कूदते , रहे निर्भय स्वछंद
भूला जा सकता नहीं, बचपन का आनन्द
8
आता रहती हैं हमें, बचपन तेरी याद
भोली भोली सी हँसी, तुतलाते संवाद
9
मोबाइल ने कर दिये, बच्चे घर में बन्द
खुली हवा का अब नहीं, लेते ये आनन्द

14-11- 2018
डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

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