बालगीत. हम बच्चे....

सुप्रभात, नमस्कार ! जय बाबा….

बाल गीत
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हम बच्चे, मन के सच्चे
लो प्यार जताने आये हैं
घर आँगन के उपवन में
कुछ फूल खिलाने आये हैं ।

खेलें कूदें ऒर मॊज करें
तितली की तरह से फिरें
कभी छम छम छम
कभी धम धम धम
हम खूब धमाल करें ।

पापा के हम काँधे में चढ़ें
गोदी में माँ की गिरें
दादा दादी, नाना नानी
दिन रात दुलार करें ।

थोडा़ रो लें,ऒर फिर हँस दें
थोड़ा सा लड़ें, झगड़ें
कभी जिद भी करें
जम कर मचलें
सबको हैरान करें ।

सब भूल के हम खुश रहते हैं
यह बात बताने आये हैं
हम बच्चे, मन के सच्चे
लो प्यार जताने आये हैं ।

गीतेश दुबे ” गीत “

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