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बारिश(कविता)

Mandeep Kumar

Mandeep Kumar

कविता

September 24, 2016

बारिश/मंदीप

किसी के लिए वरदान बारिश,
किसी के लिए मातम बारिश।

गरीब की झोपडी टपकने लगे,
उस के लिए दुःख की बारिश।

मरी फसलो को जिन्दा कर दे,
उस किसान के लिए सुख की बारिश।

नालियो,गलियों में जमा पानी,
सरकार की पोल खोलती बारिश।

बिंगो दे अपनी ठंडी बूंदों से,
बचपन की याद दिलाती बारिश।

मंदीपसाई

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Author
Mandeep Kumar
नाम-मंदीप कुमार जन्म-10/2/1993 रूचि-लिखने और पढ़ाने में रूचि है। sirmandeepkumarsingh@gmail.com Twitter-@sirmandeepkuma2 हर बार अच्छा लिखने की कोशिस करता हूँ। और रही बात हम तो अपना दर्द लिखते है।मेरा समदिल मेरे से खुश है तो मेरी रचना उस के दिल का... Read more

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