Feb 17, 2017 · कविता
Reading time: 1 minute

बाबुल मेरे मत मार मुझे

बाबुल मेरे मत मार मुझे
मुझको संसार में आना है
मैं बोझ नहीं हु जगबालो आकरके मुझे बताना है

बेटे की चाहत मैं मुझको ,क्यों गर्व मैं ही मरवाते हो
सोचो गर हम नहीं रही ,बेटे को बहु भी लाना है ..

तुम भी तो किसी की कोख मैं थे ,वो माँ भी तो एक नारी है ,
नारी है तो नारायण है ,संसार को ये बतलाना है ….

भाई की कलाई सूनी है ,बिन बहिन कहा रक्षाबंधन
बेटी है तो घर रौनक है ,बिटिया खुशियो का खजाना है …

जिसके संग तेरे फेरे है पड़े ,जो पग पग तेरी साथी है
सम्मान करो उस नारी का ,जीवन जिस संग बिताना है …

बेटी बेटो से कम तो नहीं ,बेटी हर वर्ग मैं आगे है
करे ईर्ष्या द्वेष निरादर जो ऐसे नर बड़े अभागे है
कवी राज कहे सुन जगबालो बेटी को खूब पढ़ाना है ,,

116 Views
Copy link to share
dhanraj vishwakarma
5 Posts · 310 Views
Follow 1 Follower
मै एक शिक्षक , शिक्षा का दान ,महादान गीत, गजल,भजन, गायन एवम बादन शौक मेरा View full profile
You may also like: