बाबा हम शिरडी आये

बाबा हम शिरडी आये, तेरे दर्शन करने
साईं-साईं जपते-जपते, कष्ट लगे हैं मिटने
बाबा हम शिरडी आये…..

दूर-दूर से लोग हैं आते, अपनी व्यथा सुनाते
बस्ती-बस्ती, पर्वत-पर्वत, तेरे ही गुण गाते
तेरे रूप का बाबा हमसे, वर्णन किया न जाये…..
बाबा हम शिरडी आये…..

कितने सूरज-चन्दा उभरे, साईं तेरे द्वारे
युगों-युगों से रूप अनेकों, बाबा तूने धारे
तुझको छोड़के भक्ति का, इतिहास रचा न जाये…..
बाबा हम शिरडी आये…..

भक्तों का दुःख-सुख तूने, दिल के बीच समोया
जब-जब हम पर कष्ट पड़े हैं, बाबा तू खुद रोया
जब-जब हम मुस्काते हैं तो, तू भी खुद मुस्काये…..
बाबा हम शिरडी आये…..

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