कविता · Reading time: 1 minute

बाबासाहेब ‘अंबेडकर ‘

भीम महू में जन्मे हैं
बाबासाहेब कहते सब

अधिकारों के रक्षक हैं
अंबेडकर है नाम बड़ा

‘ जय भीम ‘ सब कहते हैं
हृदय में दीपक जलते हैं

पाया शिक्षा का अधिकार
समानता का दे गये हैं प्यार

ऐसा सबको विधान बताये
संविधान के ‘जनक’ कहलाए

भेदभाव से ऊपर उठकर
नारी को सम्मान दिलाए

डॉ भीमराव हैं उनका नाम
कलम है उनका हथियार

छुआछूत से मुक्ति देकर
भारत में मानवता लाए

ज्ञान के प्रतीक कहलाए
जीने का अधिकार दिलाए

बंधुत्व का भाव जगा कर
शोषितो को न्याय दिलाए

दलितों के मसीहा कहलाए
‘भारत रत्न ‘ की उपाधि पाए

‘बोधिसत्व’ वो कहलाए
बुद्ध की राह दिखाए ।

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B.tech in Computer Science & Engineering
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