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बात बाकी थी

Hardeep Bhardwaj

Hardeep Bhardwaj

कविता

July 24, 2017

कहां चले गए थे तुम।
मुझे अकेला छोड़ के।।
अभी मेरी बात बाकी थी ।।

रोशन बेशक थे चिराग ।
अधेंरी रात बाकी थी ।।

अभी बहुत दूर जाना था ।
तेरे संग इश्क की गलियों में

क्यूं छोड़ दिया हाथ मेरे अज़ीज़
अभी सांस बाकी थी ।।।

Author
Hardeep Bhardwaj
Software Developer by profession, Writer from my heart. Love English, Hindi and Urdu literature. Email: hardeepbhardwaj67@gmail.com
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