बाज बनकर अब मिलेंगे कुछ परिंदे देखना

बाज बनकर अब मिलेंगे कुछ परिंदे देखना
है इरादा आसमां छू के रहेंगे देखना

ज़िंदगी में अपना मकसद पाना ही है ज़िंदगी
हौसला इतना बढ़ा के मर मिटेंगे देखना

ऊँट करवट किस तरफ ले और बैठेगा कहाँ
जो दबे थे राज़ सबके अब खुलेंगे देखना

बस्तियाँ जब जल रही थी लग रहे थे कहकहे
ज़द में आए उनके घर भी अब जलेंगे देखना

इस कदर जख्मी किया है क्या बताएं हम तुम्हें
हम खिज़ा के मौसमों में भी खिलेंगे देखना

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