कविता · Reading time: 1 minute

बहुमूल्य है ज़िन्दगी के पल

सपने करना है तुझे पुरा
अतरंग मन को कर धार
छोड़ अपनी कल की ज़िन्दगी
तुम्हे जीना है वर्तमान पर

अपने ज्ञान दीप रोशनी से
खुद को कर तू प्रकाश
बहुमूल्य है ज़िन्दगी के पल
आज है वो न मिलेगा कल

पास सबकुछ,असंभव नहीं
कठीन जरूर है पथ
जोखिम लेना ही होगा
तभी होंगे सपने सच

कुछ कर दिखलाने की
क्यों ढूंढ़ते हो अवसर
झक मर के आएगी सफलता
तू लगन से मेहनत कर

मुसीबत भी घबरा जाएगी
साहस को बना ले औजार
कर अपने ईरादा अचल
तुझे उड़ना है आसमा पर

उम्मीद रख अपने अंदर
जरूर होगा ध्येय पूरा
तू लिख अपने नाम
हर शाम हर सवेरा

तुम्हे देख रहा होगा मंज़िल
न बैठ मान के हार
कदम- कदम में है मुश्किल
तुम्हे रहना होगा तैयार

28 Views
Like
You may also like:
Loading...