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बहुत याद आते हैं

Vinod Chadha

Vinod Chadha

कविता

October 6, 2017

~~~बहुत याद आते हैं ~~~

कभी कभी
बहुत याद आते हैं
वो सुहाने दिन
वो अटखेलियां, वो लड़कपन
वो मस्ती, वो प्यारे ज़माने बचपन के

कभी कभी
बहुत हँसाते हैं
जब याद आती हैं
अपनी शरारतें,
वो खेल, वो उछल कूद,
वो मस्ती, वो सुहाने दिन बचपन के

कभी कभी
बहुत रुलाते हैं
जब याद आ जाते हैं
वो अपने यार,
वो संगी साथी, वो पुराने दोस्त
वो मस्ती, वो बिछड़े ज़माने बचपन के


मेरी यादों,
तुम्हारे सहारे
कभी हँस लेता हूँ
तो कभी रो लेता हूँ
कभी तुमको दिल से लगा कर सो लेता हूँ
बढ़ता हूँ रोज आगे मगर
कभी कभी, मुड़कर जो पीछे देख लेता हूँ
तो ऐ जिंदगी, तुझे फिर सकून से जी लेता हूँ ।।

…VINOD CHADHA…

Author
Vinod Chadha
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