बहिन प्रमिला त्याग

आज जो देखा …… अमर शहीद कमल की बहिन प्रमिला के लिए कुछ शब्द
धन्य हो बहिन आप ….

प्रणाम तुम्हे हे गौरव भगिनी तुम मेरी कविता की भक्ती हो
हो रोम धैर्य की सहानुभूती तुम कमल कलाई की शक्ती हो
रख के भारत का गौरव गौद मे याद रक्षाबंधन आया होगा
सोचा होगा भारत माँ ने कमल इसने लाखो मे पाया होगा

भूला भाई की जुदाई को इस बहिन ने तिरंगा लहराया है
हाँ मैं कहती हु मेरा भाई गौरव गाथा बनकर आया है
हे प्रमिला तुम ह्रदय सागर तुम हर राखी का बंधन हो
मिले हर वैभव तुम्हे इस लेखक भाई का वन्दन हो

बन कर धीर गंभीर ह्रदय इस त्याग को तुमने देखा है
कहा हमने भारत को बहिन की ये सरहद रेखा है
असीम भाव झकझोर मन व्याकुल व्यथा से आप बड़ी
हे भारत माँ वारी तुम पर बहिन लिए भाई को है खड़ी

प्रणाम तुम्हे हे परम ईला, ईला पर अहसान तुम्हारा है
देखा मैने आज बहिन को भाई सा वतन प्यारा है
है सहनशक्ती विश्वास भक्ती ये सिर्फ नहीं शर्मिला है
धन्य है साहवा की गौद ज़िसमे हिम्मत पर्याय प्रमिला है

लक्ष्मी नारायण उपाध्याय (अध्यापक) साहवा

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