23.7k Members 49.9k Posts

【6】 बहादुर

अब समय नहीं है रोने का, सूखे हुए जख्म भिगोने का
जो समय निकलकर चला गया, वो समय न अपना होने का
अब समय नहीं है…………..
{1} जो भूल हुई अंजाने में, उस भूल को न दोहराने का
राही बनकर चल उस पथ पर, जहाँ दर्द भरा हो जमाने का
जर्रा – जर्रा भी कांप उठे, तू अपना कदम बढाने का
अब समय नहीं है……………
{2} कुछ भला कहैं कुछ बुरा कहैं, तू आगे बढ़ते जाने का
विरान पडी़ इस दुनियाँ में, खुशियों की तरह दौडाने का
काटों से भरी है राह तेरी, तू प्रण कर मंजिल पाने का
अब समय नहीं है……………
{3} आयी बाधाओं से लडकर, तू सुख सागर को लाने का
मुश्किल न रोक सकें तुझको, चहुँ ओर तू सुख बरसाने का
ये जग वाही – वाही करदे, तू ऐसी कसम निभाने का
अब समय नहीं है……………
{4} जीते जी जग में अमर बने, तू ऐसा फर्ज निभाने का
जग को पथ प्रदर्शक बनकर, तू सबको राह दिखाने का
अपने साहस की मिशाल बना, तू अटल वीर बन जाने का
अब समय नहीं है…………….
{5} पैगाम दे तू दुनियाँ को, कष्टों से न घबराने का
जिनके मन बिल्कुल हार गये, उन्हें नया हौसला देने का
तू धीर बने तू वीर बने, भारत मान बढाने का
अब समय नहीं है …………….
सीखः- हमें ईश्वर ने अनंत 【अपार】शक्तियाँँ प्रदान की हैं। इसलिए हमें अपने आप को कमजोर नहीं समझना चाहिए।
Arise DGRJ { Khaimsingh Saini }
M.A, B.Ed from University of Rajasthan
Mob. 9266034599

Like 2 Comment 0
Views 77

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
Arise DGRJ { Khaimsingh Saini }
Arise DGRJ { Khaimsingh Saini }
Weir, Bharatpur, Rajasthan.
84 Posts · 2.4k Views
1. My Name - Khaimsingh Saini { Arise DGRJ } 2. My Qualification - M.A,...