Aug 2, 2020 · कविता
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बहन! रक्षाबंधन विशेष!

कौन सी कविता लिंखू बहनों तुम्हारे लिए ,
कौन सा गीत लिंखू बहनों तुम्हारे लिए
तुम ही मेरी कविता ,गीतो की शब्दसः बोली हो ,
मेरी हर खुशियो की तुम ही तो रंगोली हो

तुम्हारे बिना न पता ये मेरा खुशनुमा बचपन,
खट्टा मीठा ये अल्हड रंगीन सा अपनापन,
तुमने ही तो चलना सिखलाया था मुझे,
गिर के उठाना कैसे है समझाया था मुझे।

तुम न होती तो शायद में अधूरा था,
तुम्हारे बिना तो मै न कभी पूरा था ,
तुमने कठिन त्याग किया ,विवाह या
तुम्हारेे बिना घर और मैं अधूरा था।

कैसे -कैसे !ये कर्ज तेरा ‘दीप’ चुकलायेगा
तेरे जैसा विशाल ह्रदय ‘दीप’ कहाँ से लाएगा।
दुआ करता है ये ‘दीप’ ईश्वर से ,
अगले जन्म में तुझे भगिनी के रूप पायेगा।

…..जारी

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Kuldeep mishra
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●कलाम साहब ने कहा हे, यदि आप चाहते हो कि आप आने वाले समय में... View full profile
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