Skip to content

बहन बेटियों की लाज बचाइए

Rita Yadav

Rita Yadav

कविता

June 19, 2017

मां फिर से अपने हाथों में कटार उठाइए l
लूट रही बहन बेटियों की लाज बचाइए l
मधु ,कैटभ हुए बहुत ,अब हजारों महिषासुर –
आकर शेर की सवारी पर इनको संघारिए l

तड़प तड़प कर मर रही है आप की बेटियां l
कलयुग छू रहा है ,अब पापों की चोटियां l
आकर मां इन पापियों से निजात दिलाइए-
इस दुराचार से है अब त्रस्त आप की दुनियां l

हर एक बालिका में अपना ही रूप दिखाइए l
सो रही उसकी अंदर की काली को जगाइए l
लड़ सके शत्रु से कर सके खुद की सुरक्षा-
शक्ति ऐसी दीजिए और साहस बढ़ाइए l

मां फिर से अपने हाथों में कटार उठाइए l
लूट रही बहन बेटियों की लाज बचाइए l

रीता यादव

Share this:
Author
Rita Yadav

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

आज ही अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साथ ही आपकी पुस्तक ई-बुक फॉर्मेट में Amazon Kindle एवं Google Play Store पर भी उपलब्ध होगी

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

सीमित समय के लिए ब्रोंज एवं सिल्वर पब्लिशिंग प्लान्स पर 20% डिस्काउंट (यह ऑफर सिर्फ 31 जनवरी, 2018 तक)

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you