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बस दिल से हो जा गोरी

अजीत कुमार तलवार

अजीत कुमार तलवार "करूणाकर"

कविता

February 13, 2017

लगा ले क्रीम, पाउडर और सारे
कोसमेटिक अपने चेहरे को रंगने में
निखार ले अपने योवन को
मल मल कर गुसलखाने में

पल भर की चमक का क्या फायदा
जब दिल में भरा गुबार इसे दिखाने में
श्रंगार करो तो अपने दिल का करो
जिस की चमक बिखरे सारे ज़माने में !!

कुछ सूरत ऐसी होती है, न चाहती
किसी तरह का श्रृंगार अपने चेहरे पे
कुछ ऐसी होती हैं, रगड़ रगड़ जीवन गुजरा
पर नहीं आती ख़ूबसूरती उनके फ़साने पे !!

जब दिल है मैला, चेहरा सुंदर , काया गोरी गोरी
क्या लेना उस चेहरे से, जिस की चमड़ी हो गोरी
कर्म तो करने की आदत नहीं, बनती है वो गोरी
छोड़ दे चेहरा , बस चमका , दिल से हो जा गोरी !!

बस दिल से हो जा गोरी
बस दिल से हो जा गोरी

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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Author
अजीत कुमार तलवार
शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है, और वर्तमान में मेरठ से हूँ, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , EMAIL : talwarajit3@gmail.com, talwarajeet19620302@gmail.com. Whatsapp and Contact Number ::: 7599235906

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