दोहे · Reading time: 1 minute

बसन्त के फूल

फूल।पुष्प।प्रसून ।

सरसों उमड़ी खेत में, ,,,खिले बसन्ती फूल ।
तेरे मेरे प्यार का,,,,,,,,,,,, मौसम है अनुकूल ।।

परसो पनपे पात संग,,,,,, पावन पुष्प प्रसून ।
पुलकित हो प्रभात में , कम हो गया जुनून ।

सुख दुख कांटे फूल है ,कभी धूप सा छाव ।
बनी रहे समरूपता,, मरहम हो या घाव ।।

राम केश मिश्र

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