.
Skip to content

बर्फ

Akib Javed

Akib Javed

कविता

November 12, 2017

बर्फ!
फ्रिज में रहे तो कड़क,
बाहर रख दो सिर्फ पानी,
हाँ बर्फ!
नही उसका कोई आकार,
नही रखे कभी कोई प्रकार,
जैसा चाहो ढल जायेगा,
वैसा ही बन जायेगा,हां बर्फ!
ए काश!
जिंदगी भी बर्फ की मानिंद हो जाये,
जैसा हम चाहे वैसे ही अब ढल जाये,
सिर्फ काश!
काश!सिर्फ शब्द ही ना रह पाये,
क्यू ना इसको अब बदला जाये,
जिंदगी को जीने के तरीके बदले जाये,
जिससे जिंदगी के मायने भी बदल जाये!
हा बर्फ हैं!
जो कभी काम आता हैं,
बीमार लोगो को सिफ़ा के लियें,
तो कभी तपन में सुकूँ देता हैं,
बर्फ!
नाम नही सिर्फ पानी के बदले वजूद का,
ये तो संघर्ष हैं,, खुद उसके वजूद का,
जो पल भर में खुद को बदल जाये,
जैसा भी हो उसके साथ घुल जाये,
तो फिर,
बर्फ के जैसे ही क्यू ना बन जाये,
अपनी जिंदगी के मायने बदल जाये!!

-आकिब जावेद

Author
Akib Javed
कुछ लिखना चाहता हूँ,सोचता हूँ,शब्दो से खेलता हूँ,सीखता हूँ,लिखता हूँ।।
Recommended Posts
चाँद- सितारों  में हैं क्या चर्चे चलकर  देखा जाये
चाँद- सितारों में हैं क्या चर्चे चलकर देखा जाये ज़मीं का आसमाँ से कभी दिल बदलकर देखा जाये क़िताबी इल्म नहीं यारो तज़रबा अपना है... Read more
हर गली हर कूचे में बाग़बान मिल जाये
हर गली हर कूचे में बाग़बान मिल जाये गर इंसान के भीतर इंसान मिल जाये उधार ना सही नक़दी दुकान मिल जाये ज़िंदगी का कहीं... Read more
ज़िन्दगी के बदलते रंग
दिनों दिन मेरे जज्बात बर्फ की तरह होते जा रहे हैं झक सफेद बेरंग से ठंडे-ठंडे जब भी अकेला होता हूँ निपट तन्हाइयों में ढूंढता... Read more
प्यार की बारिश हो जाये/मंदीप
प्यार की बारिश हो जाये/मंदीप चारो तरफ प्यार की बारिश हो जाये, हर एक कली फूल बन जाये। मिटा दो अब सभी फासले, दो दिल... Read more