कविता · Reading time: 1 minute

बरसात

बरसात आई झमाझम।
लेकर नई सौगात झमाझम।
खिल उठे चेहरे किसान के झमाझम।
लगा बादल भी खिल -खिलाने झमाझम।
चारो ओर मिट्टी की खूशबू झमाझम।
बरसात आई लेकर नई आश झमाझम।
सबके चेहरे पर उठने लगी नई उमंग झमाझम।
मेढ़क भी करने लगे मधुर गान झमाझम।
बारिश की बूंदे भी बरसने लगे झमाझम।
बरसात आई झमाझम।

स्वरचित एवं मौलिक,
मैं

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