गीत · Reading time: 1 minute

बरसात

बहुत दिनों के बाद
भीषण गर्मी के बाद
ली मौसम ने अंगड़ाई है
आज बरसात आई है
नगाड़े ढोल बजाए हैं
नई उम्मीदें लाए हैं
उमंगे मन उठ आई है
आज बरसात आई है
बड़ी शीतलता लाई है
पेड़ पौधे धुल जाएंगे
सोए अंकुर जग जाएंगे
मेंढक गीत गाएंगे
मोर भी नृत्य दिखाएंगे
नदी नाले भर जाएंगे
सभी का मन हर्षाएगा
सावन फिर से आएगा
झूले साथ लाएगा
श्रावणी गीत गाएंगे
तीज त्यौहार मनाएंगे
रक्षाबंधन आएगा
नया उल्लास जगाएगा
भादों भी आएगा
कृष्ण जन्माष्टमी लाएगा
झांकियां फिर सज जाएंगी
मटकियां फिर उकसाएंगी
जगत त्योहार मनाएगा
नवल रस से भर जाएगा ।

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