बरसात की कहानी

रुक-रुक कर चलती है, बरसात की कहानी,
थम-थम कर चलती है, बरसात की कहानी।

बरसात से ही नदियाँ, बरसात से ही झरना,
बरसात के ही बल पर, भारत की है किसानी।
रुक-रुक कर चलती है, बरसात की कहानी,
थम-थम कर चलती है, बरसात की कहानी।

बरसात ही से जंगल, बरसात ही से पर्वत,
बरसात के ही बल पर, मेढ़क की है जवानी।
रुक-रुक कर चलती है, बरसात की कहानी,
थम-थम कर चलती है, बरसात की कहानी।

कहीं पर छाए बादल, कहीं है पानी-पानी,
बरसात के ही बल पर, घाव भरती है पुरानी।
रुक-रुक कर चलती है, बरसात की कहानी,
थम-थम कर चलती है, बरसात की कहानी।

बरसात से ही जीवन, बरसात से ही संतति,
बरसात के ही बल पर, प्रकृति बनती है दीवानी।
रुक-रुक कर चलती है, बरसात की कहानी
थम-थम कर चलती है, बरसात की कहानी।

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विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख, कहानियां, व्यंग्य, कविताएं आदि प्रकाशित। 'कर्फ्यू में शहर' काव्य संग्रह, पंचफोरन... View full profile
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