बरखा रानी

आई प्यारी बरखा रानी संग लाई रूत मस्तानी
हर घर आँगन खिली फुलवारी जाने अब किसकी है बारी
पेड़ो की शाखो पर लदी हर डाल फलों से भारी पत्तों पर वर्षा की बूँदें मानो लगती मोती की भाँति
धरती पर पड़ी हर इक बूँद विलीन हो रही मृदा में
पर सागर व सीपी में गिरी बूँद अपना अस्तित्व बना रही
क्या यही मानवता की कहानी बरखा रानी बड़ी सुहानी
गगन में इन्द्रधनुष के रंग किस बात के सूचक
सब रंगों का अपना महत्व
पर सब मिले नीला आसमा लगे सुहाना
आईं प्यारी बरखा रानी संग लाइ रूत मस्तानी
खुशी की लहर सबके मन में छाई
खेतों में फैली हरियाली
खुशी की लहर चहु ओर छाई
आई प्यारी बरखा रानी
संग लाइ रूत मस्तानी !

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