23.7k Members 49.8k Posts

** बन न जाए दास्ताँ **

जब रूह को रूह से होगा वास्ता ,
खुद ब खुद बन जाएगा रास्ता ।
अजनबी भी बन जाएगा अपना ,
शुरू हो जाएगी हसीन दास्ताँ ।।

तेरा मुझ से है जरूर कोई वास्ता ,
तभी तो मिलता है तेरा मेरा रास्ता ।
टकरा गए जो किसी मोड़ पर हम ,
बन न जाए तेरी मेरी दास्ताँ ।।

जाने कब तेरा मेरा पड़ जाए वास्ता ,
बन जाए दिल का दिल से रास्ता ।
भले ही आज अजनबी हैं हम ,
कौन जाने कब बन जाए दास्ताँ ।।

Like 4 Comment 2
Views 557

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
Neelam Ghanghas Ji
Neelam Ghanghas Ji
चंडीगढ़ हरियाणा
101 Posts · 61.7k Views
*Writer* & *Wellness Coach* ---------------------------------------------------- मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी...