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कर के मजदूरी बचपन निकलता रहा

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

July 19, 2016

कर के मजदूरी बचपन निकलता रहा
खेलने के लिए वो तरसता रहा

चाहिए थी कलम पर मिली चाकरी
बोझ बचपन उठा के सिसकता रहा

रूप वैसे तो बच्चा है भगवान का
पर गरीबी में भूखा तड़पता रहा

धन गरीबों को कागज़ पे मिलता बहुत
पर तिजोरी में नेता की भरता रहा

बाल अपराध भी इतने अब बढ़ गए
‘अर्चना’ देख दिल बस दहलता रहा

डॉ अर्चना गुप्ता

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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