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बनो तो दानवीर कर्ण की तरह

अजीत कुमार तलवार

अजीत कुमार तलवार "करूणाकर"

कविता

February 13, 2017

बनो तो दानवीर कर्ण की तरह,
जिस को श्राप ने मारा
क्या हिम्मत थी अर्जुन की
तो बस कर्ण को श्राप ने ही दे मारा

श्राप न मिलता अगर उनको
तो नहीं था कोई शूरवीर उन जैसा
बस गुरु से झूठ बोलकर
शिक्षा के मोह ने ही उनको मारा

था साथ रथ पर श्री कृष्ण जी
के प्रकोप का , जिस की वजह
से एक तीर कर्ण के
से रथ तीन कदम ही
जाकर रण में था धकेला

अगर न होते कान्हा उस पर
तो न जाने अर्जुन का
क्या क्या उस वक्त ही होता

नमन है उस वीर कर्ण को
जिस को पैदा होते ही
लोक लाज की शर्म से बचने पर
उस की माँ ने धारा में बहाया

बड़ा होते होते एक राजपूत
कहलाने की जगह वो बेचारा
एक सूत पुत्र के नाम से
महाभारत में कहलाया

मौके की तलाश ने उस शूरवीर
को मौत के घाट जा उतारा
न मिलता अगर श्राप उसको
तो , आज अर्जुन की जगह
दानवीर कर्ण का नाम
लेने को बेबस हो जाता
यह भारत देश हमारा

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Author
अजीत कुमार तलवार
शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है, और वर्तमान में मेरठ से हूँ, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , EMAIL : talwarajit3@gmail.com, talwarajeet19620302@gmail.com. Whatsapp and Contact Number ::: 7599235906
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