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बदले अपनी हस्त लकीरे

कृष्णकांत गुर्जर

कृष्णकांत गुर्जर

गज़ल/गीतिका

February 13, 2017

अपने वतन पे जान गवाँ दे,एेसा कोई वीर नही |
नाम अमरकर दे वो जगमे,ऐसा कोई रणधीर नही||

लिखदे कोई अपनी किस्मत,जग मे एेसा वीर नही|
बदले अपनी हस्त लकीरे,लिखता कोई तकदीर नही||

पत्थर खोदके नीर निकाले,शूर हो एेसा वीर नही |
समय के संग संग चलने वाला,एेसा कोई वीर नही||

रस्ते पर दुनिया चलती है, रस्ता वनाये वो वीर नही|
जुल्मो का वो करे सामना,एेसा कोई तीर नही||

Author
कृष्णकांत गुर्जर
संप्रति - शिक्षक संचालक G.v.n.school dungriya G.v.n.school Detpone मुकाम-धनोरा487661 तह़- गाडरवारा जिला-नरसिहपुर (म.प्र.) मो.7805060303
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