बदला लेना होगा

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में शहीद मेरे देश के वीर जवानों को कोटि-कोटि नमन!
वीर जवानों के मान में चंद पंक्तियाँ…
“ऐसा सिला दीजिए”
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पाकिस्तान की नीच हरकत का ऐसा सिला दीजिए।
रुह भी काँप उठे उन्हें ख़ून के आँसू रुला दीजिए।
जितनी कायरता से हमारे जवानों का रक़्त बहाया है,
उतनी बहादुरी से पाकिस्तान की नींव हिला दीजिए।

अब वक़्त है कुछ कर गुज़रने का सारा भारत एक हो।
एक ज़ुबान हो सबकी बदला लेने की एक ही टेक हो।
उन महान आत्माओं को सुकून तसल्ली मिले भारती,
ईंट का ज़वाब पत्थर से देना ही जीत का मंज़र नेक हो।

जो बंधन छूट गए वो ही जानें उनका क्या संज्ञान होगा।
आँखों में आँसू होंगे सीने में दर्द का उठता तूफ़ान होगा।
माँ-बाप,भाई-बहिन,पुत्र-पुत्री,संगिनी रोते रिस्तेदार होंगे,
नम आँखें देश की देती श्रधांजलि रब को ये भान होगा।

हे मालिक!ताक़त देना स्नेहीजनों को जयहिंद साथ है।
अहसास भरना दिलों में यही बस आज गोविंद साथ है।
जिन कायरों ने घिनौना कृत्य किया है अंज़ाम भूलकर,
वो ये भी जान लें उनका अंज़ाम मौत के सानिंद साथ है।

मिटेगा जैश-ए-लश्कर का नाम ये मंज़र ज़माना देखेगा।
पीठ में खंज़र घोंपने वालों का अंज़ामे-अफ़साना देखेगा।
इतनी बड़ी ग़लती को माफ़ कैसे कर देंगे हम प्रीतम,
दर्द दिया जिसने वो दर्दे-खौफ़ का अब नज़राना देखेगा।

रुह भी काँप उठे उन्हें ख़ून के आँसू रुला दीजिए।
पाकिस्तान की नीच हरकत का ऐसा सिला दीजिए।

राधेयश्याम बंगालिया “प्रीतम”
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