मुक्तक · Reading time: 1 minute

*बदलाव की आँधी*

चले बदलाव की आँधी खुशी चहुंओर छाएगी
धरा ये एक है सारी यही आवाज़ आएगी मिटें सब दूरियाँ दिल की हमारी ये तमन्ना है
हमारी शान में दुनिया हसीं फ़िर गान गाएगी
*धर्मेन्द्र अरोड़ा*

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